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आईपीएल चालीसा ..........



ले चौधरी, शुरू हो गया आईपीएल चालीसा। कदी कैरी पैकर ने क्रिकेट कौ सरकस शुरू किया हा, इब शाहरुख कौ सरकस देख। बोर होण कौ जरूरत कोन्या। प्रीति जिंटा, अंबानी अर विजय माल्या कौ सरकस भी मौजूद सूं। चाड़ीस दिन कौ या महाकुंभ में सबै अपणी कुंडली लिफ्ट करा रे। पब्डि़क के अलावा हर प्राणी पै 'पुण्य' बरस रहो। फ्लॉप प्राणी के एकाउंट में भी 'मोक्ष' बरस रहो।

आईपीएल कौ जिन्न मगन सै-चौधरी, मांग के चाहिए तमै? क्रिकेटर संतुष्ट सै। इब वा कू हीरोइन के गैल कैटवाक करने कू फैशन शो में जाण को कोई जरूरत न। किंग खान के टीम कू सपोर्ट करने सबै हीरोइन इतै आ री। दर्शक कदी जहीर खान कू देखन्गे अर कदी जूही चावला कू।

क्रिकेट चालू सै। चौधरी कदी मोहम्मद कैफ कू देख रा अर कदी करीना कपूर कू। दर्शक की चॉइस वा पिच देखे या प्रीति जिंटा। सबै महाबली जीरो पर आउट होकर पैवेलियन जा रहो इब उतै बैठकर बाकी मैच देखेगो। पिच ते प्रीति जिन्टा कौ दर्शन में बार-बार स्टंप आड़े आ जाता हा। इब तो पिच की जगह प्रीति जिंटा कू देखण दे।

सबका जनरल नॉलेज मजबूत हो रा। जा ने कदी क्रिकेट कौ बॉल भी न देखी वा बाउंसर की बारिकियों पै तफ्सरा कर रे। दारु बेचण वाड़े द्रविण कौ भाव लगा रे। इब असली टैलेंट हंट शुरू होया। क्रिकेटर कौ टैलेंट पिच ते लिकड़ कर 'पव्वा' तक नजर आ रहो। यू इक्कीसवीं सदी कौ इंडियन क्रिकेट सै ताऊ। नोट, ग्लैमर, दारू काह चाहिए तमै?

बस एक बार दाखिल हो जा या सर्कस में, कुंडली ते सबै साढ़े साती लिकड़ जा गी। क्रिकेट कौ थोड़ा बहुत ककहरा आता हो तो चड्ढी बनियान पहनकर मंडी में बैठ जा। तारणहार दाम लगाने आने ही वाड़े सूं।

इतै घणी ट्रेज्डी सै। चौधरी इब यू पूंछ रहो अक फिल्मी नचनियां लोग क्रिकेट में काह कर रे? मन समझायो, 'क्रिकेट में संगीत अर ग्लैमर की घणी कमी थी, इब करीना, कैटरीना अर बिल्लौ रानी के आ जाण ते वा कमी पूरी हो जागी। किंग खान जी इब मल्लिका सहरावत कू टीम का कोच बणा दो बस टीम कू विश्व विजेता बणने ते कूण रोक सकै।'

विजय माल्या जी अपणी टीम कू विजय भले न दिला सकें पर, माल कौ काई कमी न। इब बैट्समैन बल्ला और बोतल गैल लेकर लिकड़ेगा। इस फंडे ते मैनेजमेंट कमेटी कौ भी बार-बार ड्रिंक की ट्रॉली भेजने ते छुटकारा मिल जा गा। क्रिकेट में समाजवाद आ चुका सै। इब कल ते मैं घणी मुसीबत में सूं। चौधरी ने जिद पकड़ ली, 'मैं अढ़नपुर बाड़ी कच्ची पी पी कर दुखी हो गया भारती। मोय विजय माल्या की टीम में गेर दे।'

' क्यूं कैरेक्टर में फफूंद लगाण चाह?' ' चौधरी का दिमाग घूमा, 'मैच के दौरान विदेशी छोरियां क्यूं नाचे जांघिया पहन कर?' ' उनकू चीयर्स गर्ल कहा जावे। खुश होने के लिए उनकू पैसा मिलता सै। ' और अगर मैं जांघिया पहनकर उतै खुश होने पहुंच जाऊं तो?'

' पब्लिक पीट देगी तमै। हर किसी कू जांघिया पहनकर खुश होण की इजाजत नहीं दी जा सकती। क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड कू पतो है अक किसके 'चीयर' होते देख पब्डि़क की आंख अर आत्मा कू राहत मिलन्गी। तेरे चीयर होण ते पब्डि़क नाराज हो जाएगी। तू मेरे धैरे बैठकर चीयर हो ले।' ' अपणे देश में चीयर गर्ल न हैं के?' ' अभी नंगापन में अपणा देश आत्मनिर्भर नहीं है। खुदा ने चाह तो शाहरुख अर माल्या या कमी भी पूरी कर देंगे। अर कुछ दिन में आईपीएल चीयर्स गर्ल इम्पोर्ट नहीं करेगो।' पर चौधरी संतुष्ट कोन्या।
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