रियो डी जेनेरियो। पेरू से लगी ब्राजील की सीमा में एक आदिम जनजाति के लोग देखे गए हैं, जिन्हें न तो दुनिया जानती है और न वे बाकी दुनिया को जानते हैं। यह जानकारी ब्राजील के एक सरकारी संगठन ‘नेशनल इंडियन फाउंडेशन’ ने दी है।
इन लोगों को एनविरा नदी के निकट एक संरक्षित घने जंगल में हवाई जहाज के माध्यम से देखा गया है।
प्राकृतिक इलाकों की रक्षा के लिए कार्यरत ब्राजील सरकार के संगठन ‘फुनाई’ ने जानकारी दी है कि उसने इन ‘स्वस्थ और हष्ट-पुष्ट’ दिखने वाले आदिवासियों की तस्वीरें भी खींची है।
जब इन लोगों की हवाई जहाज से तस्वीरें खींची जा रही थी, तो इन्होंने तीर-कमान से विमान पर निशाने साधे।
फुनाई के अनुसार उसने वहां छह झोपड़ियां और एक बड़ा कृषि क्षेत्र भी देखा है, हालांकि यह पता नहीं चल सका है कि ये लोग किस जाति के हैं।
फुनाई विशेषज्ञ जोस कार्लोस मेरिलियस जूनियर ने कहा, “इस इलाके में चार ऐसी जातियां रहती हैं, जिनके बारे में हम 20 वर्षों से जानते हैं”।
संगठन ने कहा उसने इस जनजाति के लोगों से संपर्क साधने की कोशिश नहीं की है, क्योंकि फुनाई ऐसी जातियों को उनके मूल स्वरूप में रहने देने में विश्वास रखता है और उनके जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, ताकि ये जातियां लुप्त न हो जाएं।
एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने ‘सर्वाइवल इन्टरनेशनल’ ने कहा कि पेरू में जंगलों की कटाई से कई जातियों का अस्तित्व खतरे में है और जंगलों की अवैध कटाई से वे ब्राजील की सीमा की ओर धकेले जा रहे हैं। इससे उनके ब्राजील की सीमा में रहने वाली ऐसी ही अन्य जातियों से टकराव की स्थिती पैदा हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि दुनियाभर में ऐसी 100 जनजातियां हैं जिनका बाकी दुनिया से कोई संपर्क नहीं है और इनमें से ज्यादातर ब्राजील और पेरू के घने जंगलों में हैं।

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