Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Take a tour | Family Filter: On
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

Categories: Storys


Blogs (9)
(तेनाली राम के बारे में...1520 ई. में दक्षिण भारत के विजयनगर राज्य में राजा कृष्णदेव राय हुआ करते थे। तेनालीराम उनके दरबार में अपने हास-परिहास से लोगों का मनोरंजन किया करते थे। उनकी खासियत थी कि गम्भीर से गम्भीर विषय को भी वह हंसते-हंसते हल कर देते थे। ... Read more...

महाभारत का युद्ध चल रहा था। सूर्यास्त के बाद सभी अपने-अपने शिविरों में थे। उस दिन अर्जुन ने कर्ण को पराजित कर दिया था। इसलिए वह अहंकार में चूर थे। वह अपनी वीरता की डींगें हाँकते हुए कर्ण का तिरस्कार करने लगे।यह देखकर श्रीकृष्ण बोले-पार्थ! कर्ण सूर्यपुत्र ... Read more...

प्रातःकाल महाशय प्रवीण ने बीस दफा उबाली हुई चाय का प्याला तैयार किया और बिना शक्कर और दूध के पी गए। यही उनका नाश्ता था। महीनों से मीठी, दूधिया चाय न मिली थी। दूध और शक्कर उनके लिए जीवन के आवश्यक पदार्थों में न थे। घर में गए जरूर कि पत्नी को जगाकर पैसे ... Read more...

लेखकः मुंशी प्रेमचंद प्रातःकाल महाशय प्रवीण ने बीस दफा उबाली हुई चाय का प्याला तैयार किया और बिना शक्कर और दूध के पी गए। यही उनका नाश्ता था। महीनों से मीठी, दूधिया चाय न मिली थी। दूध और शक्कर उनके लिए जीवन के आवश्यक पदार्थों में न थे। घर में गए जरूर कि ... Read more...

तोते की तलाश में आत्माराम उसने एक हाथ में पिंजड़ा लटकाया, बगल में कलसा दबाया और घर चला। जब दिन निकल आया, तो वह सीधे पुरोहित जी के घर पहुँचा। पुरोहित जी पूजा पर बैठे सोच रहे थे-कल ही मुकदमे की पेशी है और अभी तक हाथ में कौड़ी भी नहीं। इतने में महादेव ने ... Read more...

तोते की तलाश में आत्माराम शाम तक यही हाल रहा। तोता कभी इस डाल पर जाता, कभी उस डाल पर, कभी पिंजड़े पर आ बैठता, कभी पिंजड़े के द्वार पर बैठ अपने दाने-पानी की प्यालियों को देखता और फिर उड़ जाता। बुड्ढा अगर मूर्तिमान मोह था, तो तोता मूर्तिमयी माया। यहाँ तक कि ... Read more...

बेदों ग्राम में महादेव सोनार सुविख्यात आदमी था। वह अपने सायबान में प्रातः से संध्या तक अंगीठी के सामने बैठा हुआ खट्खट् किया करता था। इस लगातार ध्वनि को सुनने के लोग इतने अभ्यस्त हो गए कि जब किसी कारण से वह बंद हो जाती, तो जान पड़ता था, कोई चीज गायब हो गई ... Read more...

1520 ई. में दक्षिण भारत के विजयनगर राज्य में राजा कृष्णदेव राय हुआ करते थे। तेनालीराम उनके दरबार में अपने हास-परिहास से लोगों का मनोरंजन किया करते थे। उनकी खासियत थी कि गम्भीर से गम्भीर विषय को भी वह हंसते-हंसते हल कर देते थे। विजयनगर के राजा ... Read more...

दसवीं पुतली प्रभावती ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है- एक बार राजा विक्रमादित्य शिकार खेलते-खेलते अपने सैनिकों की टोली से काफी आगे निकलकर जंगल में भटक गए। उन्होंने इधर-उधर काफी खोजा, पर उनके सैनिक उन्हें नज़र नहीं आए। उसी समय उन्होंने देखा कि एक सुदर्शन ... Read more...